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क्या नशे की गोलियां को पुलिस व आयुर्वेद विभाग का संरक्षण? आर पी रघुबंशी

बच्चों की मनपसंद गोली "महादेव का गोला व भोला मुनक्का" हैँ, गोलियां साहिबाबाद (गाजियाबाद जिले) की एक फैक्ट्री में बनाई जाती हैं। डिमांड इतनी है कि फैक्ट्री में रात-दिन काम चलता है।

गाजियाबाद ट्रांस हिंडन: पाठक शायद यकीन नहीं करेंगे किन्तु यह सत्य है कि आपके आस-पास स्थित परचून व पान की दुकानों (Groceries and Paan Shops) पर खुल्लम-खुल्ला नशे का सामान बेचा जा रहा है। सूखे नशे (Dry Intoxication) का यह सामान टॉफी (Toffee) के रूप में बिक रहा है। इस नशे को लेकर अनेक घरों के बच्चे बर्बाद हो चुके हैं।
सब कुछ पता होने के बावजूद पुलिस (police) इस अवैध धंधे से अनजान बनी हुई है। कमिश्नरेट पुलिस व आयुर्वेद विभाग की नाक के नीचे खुलेआम नशे का व्यापार चल रहा है। महादेव का गोला (Mahadev’s Ball), भोला मुनक्का  सहित कई अन्य नाम से बनाई गई गोलियां (टॉफी) (Toffee) के रूप में परचून व पान की दुकानों पर खुलेआम बिक रही हैं। बाकायदा इन गोलियों में भांग व गांजा मिले होने की पुष्टि हो चुकी है। हैरत की बात यह है कि युवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे भी इन गोलियों का सेवन कर नशे के आदी होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
बता दें कि अधिकतर किराने व पान की दुकानों पर मिलने वाली महादेव का गोला व भोला मुनक्का गोली की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। दुकानों पर महज 2 रुपए में मिलने वाली यह गोली बड़ों के साथ-साथ छोटे-छोटे नौनिहालों को भी आसानी से मिल रही है। इन टॉफीनुमा गोलियों के रैपर पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि इनमें भांग व गांजे की कुछ मात्रा मिली हुई है। इसके बावजूद भी यह गोलियां खुलेआम बच्चों को बेची जा रही हैं। इन गोलियों का सेवन अधिकतर युवा, स्कूली छात्र, मजदूर व सड़क पर घूमने वाले बच्चे करते हैं।
जानकारों का कहना है कि आसानी से पान परचून की दुकानों पर 2 रुपए में मिलने वाली इन गोलियों का सेवन करने वाला दिन भर नशे में मस्त रहता हैं। किसी प्रकार की कोई गंध ना आने के कारण परिजनों को भी आभास नहीं हो पाता कि उनके बच्चों ने क्या सेवन किया हुआ है। आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि अगर किसी को भी भांग या गांजा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रोजाना दिया जाए तो इसकी लत लग जाती है और इसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

रविंद्र आर्य (नशा मुक्त जागरूक अभियान) ने जानकारी प्राप्त कर ऐसे ही मामले एनसीआर रीजन में नोएडा, गाजियाबाद एवं साहिबाबाद देखने को मिल रहे है। जिस कारण बच्चों का भविष्य महादेव का गोला व भोला मुनक्का गोली की लत से अंधकार की ओर जा रहा है।

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